भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की हत्या की जांच कर रही पुलिस को पता चला है कि वारदात के बाद मामले के मुख्य संदिग्ध केयरटेकर ने गैस सिलेंडर का पाइप काटकर उसे गर्म इस्त्री के पास रख दिया और घर में आग लगाने की कोशिश की थी।

पुलिस ने बताया कि करीब 33 वर्षीय संदिग्ध वरुण कुमार को 70 वर्षीय पूर्व नौकरशाह राकेश अग्रवाल की देखभाल के लिए उनकी हत्या से महज तीन दिन पहले एक एजेंसी के जरिए नियुक्त किया गया था। अग्रवाल की तबीयत खराब थी और वह रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित अपने घर में पत्नी के साथ रहते थे।
जांचकर्ताओं का मानना है कि 1982 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी अग्रवाल पर बुधवार देर रात सोते समय हमला किया गया। घटनास्थल पर संघर्ष के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।
फॉरेंसिक टीम को मौके से संकेत मिले कि कुमार ने गैस पाइप और पास में चालू छोड़ दी गई इलेक्ट्रिक इस्त्री के जरिए आग लगाने की कोशिश की थी। इसके बाद वह वहां से फरार हो गया।
पुलिस ने बताया कि कुमार कथित तौर पर अग्रवाल का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया। सीसीटीवी फुटेज और कुछ समय के लिए मिले मोबाइल सिग्नल के जरिए जांचकर्ताओं ने उसकी गतिविधियों का पता लगाया। उसे एक अन्य व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर जाते और फिर तड़के चार बजकर 12 मिनट पर भोपाल रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होते देखा गया। इसके बाद उसके सागर जिले के बीना रेलवे स्टेशन और ग्वालियर में भी नजर आने की जानकारी मिली है।
टीटी नगर की सहायक पुलिस आयुक्त अंकिता खटकर ने कुमार के आगरा में गिरफ्तार किए जाने संबंधी मीडिया में आई खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन से चार टीमें राज्य में विभिन्न स्थानों पर भेजी गई हैं और रेलवे स्टेशनों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
कुमार पंजाब के पटियाला जिले के नाभा का रहने वाला है।
अग्रवाल ने अपने सेवाकाल में जिला कलेक्टर और प्रमुख सचिव समेत विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था। उनके परिवार में पत्नी और अमेरिका में रहने वाला एक बेटा है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अग्रवाल का अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा।
जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अग्रवाल की पत्नी ने बुधवार देर रात किसी बीमारी के लिए उन्हें दवा दी थी। रात करीब एक बजे कुमार को दंपति के करीब 7,000 से 8,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले घर के बाहर देखा गया था। घर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे।
सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध को बाद में तड़के करीब तीन बजे एक अन्य व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर जाते देखा गया और इसके बाद वह भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा।
जांचकर्ता घर के बाहर की सड़कों और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रहे हैं, ताकि कुमार के फरार होने के रास्ते का पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, घर के परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण बाहरी स्थानों के फुटेज जांच में महत्वपूर्ण हैं।


