झारखंड

रांची में मानदेय की मांग को लेकर आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका गईं हड़ताल पर

वर्ष 2015 से अबतक नहीं मिला है मानदेय

रांची : गुरुवार से प्रखंड की सभी आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका मानदेय नहीं तो काम नहीं का नारा लगाते हुए हड़ताल (Strike) पर चली गई हैं, जिसको लेकर पूर्व प्रखंड के CDPO कार्यालय में ज्ञापन दिया गया।‌

इस संबंध में आंगवाड़ी सेविकाओं (Anganwadi workers) ने बताया कि वर्ष 2015 से 2021 तक का वेतन अभी तक नहीं दिया गया है।

इतना ही नहीं, इस साल जनवरी माह से अब तक मानदेय भी नहीं दिया गया है। पिछले वर्ष का 10 माह का मानदेय भी बाकी है।

1 सूत्री मांग यह है कि हमारा बकाया मानदेय और पोषाहार राशि का एकमुश्त भुगतान जल्द किया जाए। साथ ही हर महीने मानदेय का भुगतान नियमित रूप किया जाए।

ज्ञापन देने के लिए दर्जनों सेविका और सहायिकाएं पहुंची

सेविकाओं का कहना है कि इस साल प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने आश्वासन दिया था कि आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं के लिए 2 माह में नियमावली तैयार की जाएगी और मानदेय राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

हमारी मांगे पूरी नहीं की गई तो पूरे प्रदेश की आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका मिलकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन देने के लिए सुलेखा देवी, मंजुला कच्छप, दुर्गी देवी, शांति चौधरी, रूबी खातून रिजवाना खातून, तलत जबीं, निर्मला केरकेट्टा सहित प्रखंड की दर्जनों सेविका और सहायिकाएं (servants and assistants) पहुंची थीं।