

नयी दिल्ली: भाजपा ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नयी राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित 10 महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेताओं को जगह दी।





पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नयी टीम को अनुभवी प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव, युवा जोश, भौगोलिक विविधता और व्यापक सामाजिक समावेश का एक रणनीतिक संयोजन बताया।
देश के विभिन्न हिस्सों से पार्टी की 10 अनुभवी महिला नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है।
राष्ट्रीय महासचिव बनाई गईं ईरानी के अलावा, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की पूर्व प्रमुख रेखा वर्मा उपाध्यक्ष नियुक्त की गई हैं।
कविता पाटीदार और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है।
रूप कुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है।
पार्टी ने कहा कि भारत के हर प्रमुख धर्म को सम्मान और उचित स्थान देने के लिए, राष्ट्रीय टीम में एक सिख सदस्य, दो ईसाई सदस्य तथा मुस्लिम, जैन और पारसी समुदाय से एक-एक सदस्य को शामिल किया गया है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है।
कांग्रेस के दिवंगत नेता ए.के. एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी राष्ट्रीय सचिव के पद पर बने रहेंगे। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पार्टी ने कहा कि नयी नियुक्तियों से देश भर के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों को प्रतिनिधित्व मिला है।
भाजपा ने एक बयान में कहा, ‘‘इस तरह की संतुलित नियुक्तियों से नये राष्ट्रीय अध्यक्ष (नितिन नवीन) की कार्यकारिणी टीम को देश के विशाल भौगोलिक विस्तार और क्षेत्रीय बारीकियों की गहरी समझ के साथ काम करने में मदद मिलेगी।’’
पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर इलाके पर खास ध्यान दिया गया है। त्रिपुरा, असम और नगालैंड से तीन क्षेत्रीय नेताओं की नियुक्ति और संबित पात्रा की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर समन्वय प्रकोष्ठ को जारी रखने के जरिए इस इलाके को खास अहमियत दी गई है।
इसके अलावा, समिति में पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर से चार आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें से दो महिलाएं हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के तीन सदस्य अनुसूचित जातियों (एससी) का प्रतिनिधित्व करते हैं।
