1.20 करोड़ रुपए के डेरी फार्म घोटाले में नप सकते हैं कई अधिकारी, जांच में…

News Aroma
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Dairy Farm Scam : 1.20 करोड़ रुपए के डेयरी फार्म घोटाले (Dairy Farm Scam) का मामला धीरे-धीरे घर आता जा रहा है।

जाट से ऐसी जानकारी मिल रही है कि इसमें JSLPS से जुड़े कई अधिकारी भी नप सकेंगे।

JSLPS की सुषमा उरांव ( CC ) गिरधर कुमार सिंह ( CC ) सबीला खातुन ( IRPA ) व सुधा कुमारी ( IRPA) ने कामडारा थाना प्रभारी के नाम एक आवेदन सौंप कर JSLPS कामडारा व कुरकुरा संकुल संगठन से प्राप्त आवेदन पर गहन जांच के पश्चात आगे की कारवाई करने की मांग की है।

आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त गुमला व जिला कार्यक्रम प्रबंधक JSLPS को भी सूचनार्थ समर्पित की गई है।

आवेदन के अनुसार, कामडारा व कुरकुरा आजीविका संकुल संगठन JSLPS ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार (Jharkhand Government) से संचालित सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत संस्था है।

इसका वितीय प्राधिकार अध्यक्ष , सचिव , कोषाध्यक्ष व अन्य सदस्यों के पास है और संकुल संगठन द्धारा संचालित कोई भी कार्य बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर के अंतिम अनुमोदन के पश्चात होता है।

दिनांक 27 अप्रैल के अखबारों के माध्यम से पता चला की JSLPS के पूर्व BPM पवन लकड़ा , सीसी सुषमा उरांव , गिरधर कुमार सिंह , आईपीआरए सबीला खातून और सुधा कुमारी के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचने और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए संकुल के अध्यक्ष , सचिव व कोषाध्यक्ष द्धारा मामला दर्ज करने संबंधी मांग की गई है।

इन पर  लगा आरोप बेबुनियाद है। क्योंकि संस्था से राशि का हस्तांतरण के लिये स्वंय ये तीनों पदाधिकारी प्राधिकृत हैं व 50 लाख से अधिक राशि के संबंध में हस्तांतरण के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक JSLPS से अनुमोदन स्वीकृति की आवश्यकता पड़ती है। इसके बाद राशि का हस्तांतरण संभव है।

आवेदन में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि जिला स्तरीय जांच सदस्यों द्धारा जांच के नाम पर लक्ष्मी उत्पादक समूह की सचिव कुंवारी ठिठियो जो सात माह की गर्भवती महिला थी।

इससे 9 और 10 अप्रैल को लगातार सुबह 10 से शाम 5 बजे तक JSLPS कार्यालय कामडारा में मानसिक रूप से प्रताड़ना दी गई। इसके कारण 10 अप्रैल की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच उसकी मौत हो गई।

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