पाकिस्तान कर रहा नागरिक विमानों को ढाल बनाने की कायराना हरकत, जानें कर्नल सोफिया कुरैशी ने क्या बताया

News Aroma
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Pakistan got stunned after Operation Sindoor: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान गुरुवार की रात उत्तरी और पश्चिमी भारत के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की नाकाम कोशिश में जुट गया।

भारतीय वायु रक्षा प्रणाली, विशेष रूप से S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ एयर डिफेंस सिस्टम, ने अभूतपूर्व सतर्कता दिखाते हुए इन सभी हमलों को विफल कर दिया। इस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को केंद्र सरकार ने इस घटनाक्रम पर औपचारिक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की।
विदेश मंत्रालय की ओर से शाम 5:30 बजे प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिसरी, कर्नल सोफिया कुरैशी, और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की जवाबी हरकतों पर विस्तृत जानकारी दी।

कर्नल कुरैशी ने साक्ष्य के तौर पर तस्वीरें पेश कीं, जो पाकिस्तान की शर्मनाक रणनीति को उजागर करती थीं-नागरिक विमानों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की कायराना कोशिश। भारत ने चेतावनी दी कि ऐसी नीच हरकतों का करारा जवाब दिया जाएगा।

कर्नल कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर भारी गोलीबारी की और घुसपैठ की कोशिशें कीं। तंगधार, उरी, और उधमपुर में तीव्र गोलाबारी हुई, जिससे भारतीय पक्ष को कुछ नुकसान और चोटें झेलनी पड़ीं।

उन्होंने तस्वीरों के जरिए दिखाया कि भारतीय वायुसेना ने इस दौरान असाधारण संयम बरता। पाकिस्तान ने 36 स्थानों को निशाना बनाने की साजिश रची, जिसमें अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, भटिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई, और भुज शामिल थे।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान ने इन हमलों में तुर्की निर्मित ड्रोन्स का इस्तेमाल किया। भारतीय वायुसेना ने त्वरित जवाबी कार्रवाई में ड्रोन काउंटर अटैक किया, जिसने लाहौर में पाकिस्तान की सर्विलांस रडार प्रणाली को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। इस कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ, जो उसके सैन्य अभियानों के लिए एक बड़ा झटका है।

नागरिक विमानों को ढाल की शर्मनाक रणनीति

कर्नल कुरैशी ने खुलासा किया कि पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के बजाय इसे ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। हमले के दौरान कराची और लाहौर जैसे प्रमुख शहरों में नागरिक उड़ानें, जिनमें अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स शामिल थीं, संचालित हो रही थीं। यह एक खतरनाक कदम था, जिसने हजारों यात्रियों की जान को जोखिम में डाला।

भारतीय सशस्त्र बलों ने इस संवेदनशील स्थिति में संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई को सीमित रखा, ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न हो। इस रक्षात्मक और जिम्मेदार रुख की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सराहना की है।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पाकिस्तान ने कंधार, उरी, पुंछ, राजौरी, अखनूर, और उधमपुर जैसे LoC से सटे क्षेत्रों में उकसावे वाली गोलाबारी की। इन हमलों में भारतीय सुरक्षाबलों को कुछ नुकसान और चोटें पहुंचीं, लेकिन जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भी भारी क्षति उठानी पड़ी।

मिसरी ने पाकिस्तान के नागरिक विमानों को ढाल बनाने के कदम को गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक करार दिया।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों की असफल कोशिश के बावजूद अपने हवाई क्षेत्र को खुला रखा, जिससे न केवल उसके नागरिक, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। मिसरी ने चेतावनी दी, “पाकिस्तान की ऐसी कायराना हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यदि वह और उकसावे की कोशिश करता है, तो भारत उचित जवाब देगा।”

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