झारखंड विधानसभा : धनबाद की प्यास पर सियासत गरमाई, पांच साल बाद भी अधूरी योजनाएं

News Aroma
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Jharkhand Assembly: धनबाद में शुद्ध पेयजल आपूर्ति से जुड़ी योजनाएं पांच साल बाद भी अधूरी हैं, जिससे हजारों लोगों को पानी संकट का सामना करना पड़ रहा है।

यह मामला विधान सभा के बजट सत्र के छठे दिन गूंजा। भाजपा विधायक राज सिन्हा ने सदन में सरकार को घेरते हुए योजनाओं के अधूरे रहने पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि 917.69 करोड़ की तीन महत्वपूर्ण योजनाएं पांच साल पहले शुरू हुई थीं, लेकिन अब तक केवल 60 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है।

स्पीकर ने सरकार को घेरा

विधायक के सवालों के बीच विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र नाथ महतो ने भी सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि जब TPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो रही थी, तभी रेलवे और NHAI से NOC क्यों नहीं ली गई।

स्पीकर ने सवाल किया कि बिना NOC के योजना शुरू कैसे की गई।

सरकार का बचाव

प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रताप ने जवाब देते हुए कहा कि फेज-वन की NOC मिलने के बाद योजना को एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जबकि फेज-टू की NOC मिलने पर 15 महीने में काम पूरा होगा।

झामडा पेयजल योजना को तीन महीने में पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

झरिया की समस्या भी उठी

इस दौरान झरिया की विधायक रागिनी सिंह ने भी अपने क्षेत्र में पानी की समस्या का मुद्दा उठाया।

उन्होंने नगर आयुक्त के रवैये पर सवाल खड़े किए।

राजनीतिक तकरार जारी

विपक्ष ने सरकार पर जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया।

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से एनओसी के लिए कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

विधायक राज सिन्हा ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण जनता को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।

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