रांची में मंत्री हफीजुल हसन के बयान के विरोध में भाजपा का आक्रोश मार्च

News Aroma
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Ranchi News: भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रांची में झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन के संविधान से ऊपर शरीयत वाले बयान के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में संविधान लेकर जिला स्कूल से राजभवन तक आक्रोश मार्च पर निकले भाजपा नेताओं ने मंत्री हफीजुल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने मंत्री हफीजुल हसन के इस्तीफे की मांग की।

मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रणाली है जहां भारत की जनता ने बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को अंगीकार किया है। भारत के नीति निर्माताओं ने संविधान को प्रधानता दी है। शरीयत एक निजी मामला है जो राजकाज में लागू नहीं हो सकता।

मरांडी ने कहा कि आज संविधान की बात करने वाले कांग्रेस, झामुमो और राजद के लोग मौन हैं। सरकार के मंत्री खुलेआम संविधान की अवमानना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड को संविधान से चलाना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जिम्मेदारी है। अगर किसी को शरिया ज्यादा पसंद है और उसके हिसाब से चलना है तो उसे मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।

प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय ने कहा कि भाजपा ने एक देश में दो विधान का विरोध अपने स्थापना काल से किया है। झारखंड भाजपा की तपोभूमि है और इसे शरीया से चलाने की साजिश करने वालों को पार्टी बर्दाश्त नहीं कर सकती।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राज्य सरकार तुष्टीकरण में आकंठ डूबी है। संविधान की शपथ लेकर मंत्री बनने वाले संविधान की अवमानना करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि धर्म के आधार पर देश का विभाजन कराने की मानसिकता के लोग आज भी देश में शरिया कानून का सपना देख रहे। इसे विफल करने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता कमर कसकर तैयार हैं।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास में विश्वास करती है लेकिन तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करती।

राजभवन तक प्रदर्शन के बाद एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और मंत्री हफीजुल हसन को बर्खास्त करने की मांग की।

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