कोयला, बालू, शराब और जमीन सिंडिकेट चला रही हेमंत सरकार, हर विभाग में भ्रष्टाचार: रघुवर दास

News Aroma
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Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने शनिवार को दुमका दौरे के दौरान प्रेस वार्ता में हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार हर स्तर पर व्याप्त है, चाहे वह सर्कल ऑफिस (CO) हो या मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO)। उन्होंने पूर्व प्रधान सचिव विनय चौबे का जिक्र करते हुए कहा कि वह आज होटवार जेल में हैं। पेयजल, शराब, या कोई अन्य विभाग, हर जगह घोटाले हो रहे हैं।

सिंडिकेट चला रही सरकार

रघुवर दास ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार कोयला, बालू, शराब और जमीन के सिंडिकेट द्वारा संचालित हो रही है। उन्होंने कहा, “झारखंड का जल, जंगल और जमीन का कण-कण इन सिंडिकेट्स के हाथ में है।”

उन्होंने दावा किया कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार जब भी सत्ता में आई, भ्रष्टाचार और घोटाले बढ़े। इसके विपरीत, उन्होंने बीजेपी शासनकाल (2000 में बाबूलाल मरांडी और बाद में अर्जुन मुंडा की सरकार) को भ्रष्टाचार-मुक्त बताया।

मंत्री और अधिकारियों पर निशाना

दास ने कहा कि इस सरकार में पहले भी मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी जेल जा चुके हैं। वर्तमान में रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर आलमगीर आलम कमीशनखोरी के आरोप में जेल में हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि संथाल परगना में कोयला ढुलाई, बालू घोटाला, नियोजन नीति में गड़बड़ी और जंगलों की स्थिति क्या है?

उन्होंने आरोप लगाया कि नियोजन नीतियां ऐसी बनाई जा रही हैं, जो स्थानीय युवाओं को उलझाने के लिए हैं। साथ ही, ठेकेदारों को योग्यता नहीं, बल्कि कमीशन के आधार पर काम दिया जा रहा है।

कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

रघुवर दास ने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। महिलाएं असुरक्षित हैं, और उनके खिलाफ हिंसक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी और गैर-आदिवासी, दोनों इस सरकार से निराश हैं और इसे सत्ता में लाने पर पछता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बीजेपी जनता को उनके हक और अधिकारों के लिए जागरूक करने के लिए चौपाल कार्यक्रम शुरू कर रही है। रविवार को साहिबगंज के बरहेट और पाकुड़ में चौपाल आयोजित होगी।

PESA कानून लागू करने की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सरकार से मांग की कि पंचायत (विस्तार से अनुसूचित क्षेत्र) अधिनियम (PESA) को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि PESA का मसौदा तैयार है, बस इसे कैबिनेट में पारित करना बाकी है।

इस कानून से ग्राम सभाओं को सशक्त कर गावों में स्वशासन स्थापित होगा। उन्होंने JMM पर आदिवासी हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।

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