झारखंड का बजट एक बादल के पहाड़ की तरह: रघुवर दास

रांची :झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने कहा कि वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने जो बजट पेश किया है वह नितांत निराशावादी है।

यह बजट एक बादल के पहाड़ की तरह है, जो जितना दिखाई देता है उससे अधिक दिखाई नहीं देता है।

संक्षेप में अगर कहें तो यह बजट जनता की आंखों में धूल झोंकने की एक चातुर्य पूर्ण कार्रवाई है।

दास ने बुधवार को कहा कि चतुराई के लिए वह वित्त मंत्री को बधाई देते हैं, लेकिन लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयत्न सफल नहीं होगा।

यह बजट विकास को गति नहीं देगा, बल्कि विकास को अवरुद्ध करेगा।

चालू वर्ष में हमें जो अनुभव हुआ है उससे एक बार फिर इस बात की पुष्टि होती है कि प्रगति की रफ्तार केवल वित्त व्यवस्था कर देने से ही कायम नहीं रह सकती।

इसके लिए ठीक समय पर योजनाओं का रूपांकन और चुनाव करना और तेजी के साथ उसका कार्यान्वयन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल के बजट में विकास योजनाओं के लिए जो प्रावधान रखें उसमें क्या व्यय किया। हमारी सरकार बजट पेश करने के साथ पिछले बजट में की गई घोषणाओं की कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश करती थी।

लेकिन इस सरकार ने ऐसा कुछ भी पेश नहीं किया है। क्योंकि, इनके पास एक साल के कार्य में बताने को कुछ नहीं है।

दास ने कहा कि कमी साधनों की नहीं है, लेकिन यह सरकार रुपये खर्च नहीं कर सकी।

यह बजट विकास को न गति देगा, न ही इससे बचत के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और न तो पूंजी लगाने के लिए कोई आगे आएगा।

उन्होंने कहा कि विकास दर में वृद्धि कैसे होगी। यदि विकास की दर नहीं बढ़ेगी तो लोगों का जीवन स्तर कैसे ऊंचा उठेगा।

रोजगार के अवसर कैसे बढ़ेंगे। बजट में किसान, मजदूर, महिला, युवा, गरीब के साथ छल किया गया है। साथ ही सबसे अधिक रोजगार देने वाले छोटे उद्योगों के लिए भी बजट में कुछ नहीं कहा गया है।

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