
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) नियुक्ति परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने देर रात छापेमारी कर तीन अभ्यर्थियों (परीक्षार्थियों) समेत पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। इन नई गिरफ्तारियों के साथ ही इस पूरे फर्जीवाड़ा मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 19 हो गई है। सीआईडी ने बुधवार को कई ठिकानों पर छापेमारी कर इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेजी अभिलेख भी बरामद किए हैं। इससे पहले भी सीआईडी ने परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों की पहचान
उमाकांत उरांव मूल निवासी कार्तिक नगर जुरिया लोहरदगा वर्तमान पता डीआईजी ग्राउंड बरियातू रांची पर आरोप है कि इन्होंने 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का सहारा लिया। रोशन केरकेट्टा मूल निवासी हालुदु नगड़ी रांची वर्तमान निवासी हैदर गली, कोकर, रांची ये 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी से पास हुए थे। साथ ही इन पर अन्य अभ्यर्थियों को अनुचित साधन उपलब्ध कराने और एजेंट के रूप में काम करने का भी आरोप है। मनोज कुमार क्वार्टर नं. FN-206, सेक्टर-3, धुर्वा, रांची पर 14वीं जेपीएससी की परीक्षा में धोखाधड़ी और अवैध साधनों के प्रयोग से सफलता पाने का आरोप है। रक्षक सिंह नई बस्ती, बक्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश आरोपी जेपीएससी परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी TPL में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। इस पर 14वीं जेपीएससी परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर अनुचित साधनों से परीक्षा उत्तीर्ण कराने में मदद करने का आरोप है। धर्मेंद्र कुमार क्वार्टर नं. 10/1, आई हाउस, रांची यूनिवर्सिटी, कोतवाली, रांची पर भी परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए धोखाधड़ी करने का आरोप है।

