खूंटी कोर्ट का बड़ा फैसला: 5 किलो अफीम तस्करी मामले में तीन दोषियों को 15-15 साल की सजा

खूंटी कोर्ट ने 5 किलो अफीम तस्करी मामले में तीन दोषियों को 15-15 साल की सजा और एक-एक लाख रुपये जुर्माना सुनाया, मादक पदार्थ तस्करी पर सख्त न्यायिक संदेश दिया।

Razi Ahmad
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Opium Smuggling : मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ खूंटी जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण और सख्त फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 15-15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त एक वर्ष की जेल की सजा भुगतनी होगी।

यह फैसला खूंटी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार की अदालत ने बुधवार को सुनाया। मामला वर्ष 2019 में मारंगहादा थाना क्षेत्र में पकड़ी गई अफीम तस्करी से जुड़ा है।

अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए आरोपियों में शत्रुघ्न स्वांसी उर्फ नरेश स्वांसी, संजय कुमार नायक उर्फ जोले तथा प्रेमचंद ठाकुर उर्फ पिंटू शामिल हैं। इनमें दो आरोपी खूंटी जिले के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी चतरा जिले के पत्थलगाड़ा क्षेत्र का रहने वाला है।

मामले के अनुसार, 3 अप्रैल 2019 को मारंगहादा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर बड़ी मात्रा में अफीम लेकर रांची की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने कुजराम पुल के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक टाटा इंडिगो कार को रोककर जांच की गई।

पुलिस को देखते ही कार में सवार तीनों व्यक्ति घबरा गए और भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। वाहन की तलाशी के दौरान कार से कुल 5 किलोग्राम प्रतिबंधित अफीम बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कार को जब्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

सात वर्षों तक चले न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। मामले को सिद्ध करने के लिए कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा 13 दस्तावेजी साक्ष्य और पांच भौतिक साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया।

मामले में सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता वेद प्रकाश ने प्रभावी पैरवी करते हुए तस्करों को कड़ी सजा देने की मांग की थी। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर दंड सुनाया।

इस फैसले को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण न्यायिक संदेश माना जा रहा है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त सजा से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के बीच भय पैदा होगा और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।