स्वीकृत जगह छोड़ 30 KM दूर शिफ्ट किया स्वास्थ्य केंद्र! जामडीह के आदिवासी बोले – हम भगवान भरोसे, सरकार छत्तीसगढ़ में मर्ज कर दे

लातेहार के जामडीह में स्वीकृत उप-स्वास्थ्य केंद्र को 30 किलोमीटर दूर बनाने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने विरोध किया। डीसी ने दोनों स्थलों का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट मांगी।

Razi Ahmad
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  • टेंडर हुआ, नींव भी खुद गई… फिर रातों-रात सामान उठाकर फरार! संवेदक बोला – ‘जामडीह दूर है’

Latehar News : सरकारी योजनाओं को पलीता लगाने का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। लातेहार जिले के सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल जामडीह गांव के लिए स्वीकृत उप-स्वास्थ्य केंद्र को नियम-कानून ताक पर रखकर करीब 30 किलोमीटर दूर चैनपुर पंचायत के सेमरबुढ़नी में बनाया जा रहा है।इस धोखे से नाराज ग्रामीणों ने ओरसा पंचायत की मुखिया अमृता देवी के नेतृत्व में डीसी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।

“ग्राम सभा की इजाजत के बिना उठा ले गया सामान”

ग्रामीणों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 को ग्राम प्रधान भरत नगेशिया की अध्यक्षता में हुई ग्राम सभा में सर्वसम्मति से जामडीह – खाता 200, प्लॉट 1904, 0.40 एकड़ जमीन को स्वास्थ्य केंद्र के लिए चुना गया था। भवन प्रमंडल लातेहार ने टेंडर भी निकाल दिया था। संवेदक ने जामडीह में नींव की खुदाई, बोरिंग और बालू-गिट्टी-ईंट-सीमेंट भी गिरा दिया था।लेकिन एक दिन अचानक बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और बिना ग्राम सभा को सूचना दिए संवेदक सारा सामान समेटकर सेमरबुढ़नी ले गया और वहां निर्माण शुरू कर दिया।

“15 KM तक कोई डॉक्टर नहीं, पुराना भवन होते हुए भी नया बन रहा”

डीसी को दिए ज्ञापन में मुखिया अमृता देवी ने कहा कि जामडीह पहाड़ी-दुर्गम इलाका है। यहां से 15 KM के दायरे में कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। प्रसव, सर्पदंश, मलेरिया जैसी स्थिति में मरीजों को महुआडांड़ या लातेहार रेफर करना पड़ता है। रास्ते में ही कई लोग दम तोड़ देते हैं।

सबसे हैरानी की बात ये है कि सेमरबुढ़नी में पहले से ही एक स्वास्थ्य भवन बना हुआ है। इसके बावजूद वहीं दोबारा नया भवन बनाया जा रहा है।जब संवेदक से सवाल किया गया तो उसने अजीब तर्क दिया -जामडीह क्षेत्र काफी दूर है, इसलिए वहां काम नहीं किया।एक आक्रोशित ग्रामीण ने कहा, हमारे गांव में पहले से विकास ठप है। एक उम्मीद जगी थी कि स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। वो भी छीन ली। अब हम किसके भरोसे जिएं? सरकार को हम पर दया नहीं है तो हमें सीधे छत्तीसगढ़ में मर्ज कर दे।

अधिकारी चुप

विभागीय अधिकारियों की चुप्पी ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

ग्रामीणों की मांग आंदोलन की चेतावनी

मुखिया अमृता देवी ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और जिला प्रशासन से मांग की कि सेमरबुढ़नी का टेंडर रद्द कर तुरंत जामडीह में निर्माण शुरू किया जाए।

ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्य और ग्रामीणों ने 3 मांगें रखीं:

1. पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो
2. दोषी संवेदक और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
3. निर्माण कार्य रोककर उप-स्वास्थ्य केंद्र को पुनः जामडीह में ही बनाया जाएग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी – अगर जामडीह में आयुष्मान आरोग्य केंद्र नहीं बना तो हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उग्र आंदोलन करेंगे।”

जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी

ज्ञापन मिलने के बाद डीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। कहा कि जनभावना और आवश्यकता को देखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा।ज्ञापन के दौरान जामडीह और ओरसा के सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।