रांची: राजधानी रांची के प्रमुख पुराने व्यावसायिक क्षेत्र न्यू मार्केट के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण की दिशा में रांची नगर निगम ने पहल तेज कर दी है। मंगलवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में न्यू मार्केट के दुकानदारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में बाजार के वर्तमान स्वरूप, दुकानों के आवंटन से जुड़े दस्तावेज और प्रस्तावित पुनर्विकास योजना को लेकर दुकानदारों से चर्चा की गई।

नगर निगम के अनुसार न्यू मार्केट में वर्तमान में करीब 262 दुकानें संचालित हैं। बाजार की पुरानी और जर्जर संरचना को आधुनिक स्वरूप देने के साथ यहां बेहतर व्यावसायिक और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। बैठक में अधिकारियों ने दुकानदारों से पूर्व में किए गए आवंटन से संबंधित दस्तावेज, मूल लीज/पट्टे संबंधी कागजात और अन्य संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पुनर्विकास का उद्देश्य केवल पुराने ढांचे को हटाना नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र का योजनाबद्ध और नागरिक सुविधाओं से युक्त विकास करना है। प्रस्तावित योजना में आधुनिक दुकानें, व्यवस्थित पार्किंग, बेहतर आवागमन और आवश्यक नागरिक सुविधाओं के साथ आधुनिक कार्यालय परिसर विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे दुकानदारों को बेहतर कारोबारी वातावरण मिलने के साथ आम लोगों को भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि पुनर्विकास के बाद दुकानों के नए आवंटन की प्रक्रिया और उसकी शर्तें निर्धारित की जाएंगी। दुकानों की संख्या, आकार, श्रेणी, दर, आवेदन की शर्तों सहित अन्य पहलुओं पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। पुराने आवंटन से जुड़े वैध दस्तावेज रखने वाले दुकानदारों के हितों को प्रक्रिया में ध्यान में रखने की बात कही गई।
सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर भी निगम का जोर
वहीं, शहर में सार्वजनिक शौचालय और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर भी नगर निगम ने समीक्षा बैठक की। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत राज्य सरकार एवं नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से रांची नगर निगम को विभिन्न सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए 43.25 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा रांची नगर निगम क्षेत्र में 47 स्थानों पर अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर का संचालन किया जाना है।
नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में सार्वजनिक शौचालयों के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन, नागरिक सुविधाओं का आकलन, टेंडर प्रक्रिया और योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में नगर निगम स्तर पर लैंड बैंक तैयार करने का भी निर्णय लिया गया। इसमें सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं से प्राप्त भूमि, उपलब्ध जमीन और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखा जाएगा। मोहल्ला और वार्ड स्तर पर योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एरिया लेवल फेडरेशन और सामुदायिक संगठनों को भी जोड़ा जाएगा। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को नागरिक हित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जमीन पर उतारने और आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया।


