पलामू में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में 934 मामले का हुआ निष्पादन

एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा कि शिकायतों को प्रमुखता से रखने के लिए मंच दिया जाता है। जहां आकर लोग अपनी बात रख सकते हैं। लोग डरते हैं कि थाना जायेंगे तो परेशान हाेंगे। ऐसे लोगों को यहां आने की जरूरत है। यहां सीनियर अधिकारी उनकी बात को सुनते हैं और कार्रवाई करते हैं। अगर मामले का निष्पादन थाना स्तर पर होना रहता है तो उसे पांच दिनाें में करने की कोशिश की जाती है। दूसरे विभाग का आवेदन रहने पर उसे अग्रसारित किया जाता है। उन्होंने लोगों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया।

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934 cases were resolved in the public: पलामू जिले के सदर, छतरपुर, हुसैनाबाद, विश्रामपुर और लेस्लीगंज पुलिस अनुमंडल स्तर पर जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन आयोजन हुआ।

मेदिनीनगर सदर पुलिस अनुमंडल स्तरीय कार्यक्रम टाउन थाना में हुआ। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पलामू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुनील भास्कर, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन, एसडीपीओ सदर मणिभूषण प्रसाद एवं अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

टाउन थाना, चैनपुर, सदर, सतबरवा, और रामगढ़ थाना क्षेत्र के लोगों ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी-अपनी समस्याओं को रखा और निदान करने का आग्रह किया।

मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आईजी सुनील भास्कर ने कहा कि पलामू प्रमंडल स्तर पर पिछले तीन बार हुए कार्यक्रम में 2268 आवेदन आए, जिसमें से डेढ़ सौ मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। 934 का निष्पादन किया गया है।

आईजी ने कहा कि लोगों को निडर होकर अपनी बात रखने के लिए इस तरह का मंच दिया जा रहा है। जनवरी में आयोजित कार्यक्रम में 40 लाख रुपए ठगी के मामले से परेशान युवक ने अपनी बात रखी थी और उस मामले में तत्परता से एक्शन लिया गया। राशि की जल्द रिकवरी होने की संभावना है।

इसी तरह अन्य मामलों में भी सक्रियता दिखाई जा रही है और थाना, इंस्पेक्टर और अनुमंडल स्तर पर समस्याओं का निदान क्यों नहीं हो रहा है। इसकी समीक्षा की जा रही है। जिम्मेदारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता को समझने और बढ़-चढ़कर पार्टिसिपेट करने की जरूरत है। लोग पॉजिटिव लें और अपनी बात रखें। कोई भी काम परफेक्ट तुरंत नहीं होता है। धीरे-धीरे उसमें सुधार होता है। विश्वास में लेने की जरूरत है।

एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा कि शिकायतों को प्रमुखता से रखने के लिए मंच दिया जाता है। जहां आकर लोग अपनी बात रख सकते हैं। लोग डरते हैं कि थाना जायेंगे तो परेशान हाेंगे। ऐसे लोगों को यहां आने की जरूरत है। यहां सीनियर अधिकारी उनकी बात को सुनते हैं और कार्रवाई करते हैं। अगर मामले का निष्पादन थाना स्तर पर होना रहता है तो उसे पांच दिनाें में करने की कोशिश की जाती है। दूसरे विभाग का आवेदन रहने पर उसे अग्रसारित किया जाता है। उन्होंने लोगों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया।

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