
पटना : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बंगले के विस्तार को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में पोस्ट लिखकर कहा है कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सम्राट चौधरी ने अपने बंगले के विस्तार के लिए आसपास के बंगलों को अधिग्रहित किया है। अब उनका यह बंगला आकार में प्रधानमंत्री के बंगले से भी बड़ा हो गया है। बिहार जैसे गरीब राज्य के मुख्यमंत्री यह बंगला न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के सरकारी बंगलों में सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक है।
क्या सम्राट चौधरी को शर्म आती है कि सबसे पिछड़े और गरीब राज्य के सीएम को आवासीय कार्यालय में बैठने और सोने के लिए 𝟏𝟓 एकड़ जमीन यानि 𝟐𝟒 बीघा यानि 𝟒𝟖𝟎 कट्टा जमीन चाहिए? उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कुछ सवाल पूछे हैं जैसे सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 𝟓 देशरत्न मार्ग को 𝟏 अणे मार्ग में क्यों मिलाया? 𝟐𝟎𝟏𝟗 में पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने लिखित में बताया था कि यह बंगला उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित है। अब किस नियम के तहत सम्राट चौधरी ने इस आवास को 𝟏 अणे मार्ग में मिलाया?
क्या सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदल कर “लोक सेवक आवास” इसलिए किया ताकि अगल-बगल के अनेक बंगलों को इसमें मिलाकर सैकड़ों कट्टा जमीन पर जनता के पैसे से विलासिता से परिपूर्ण जीवन जी सके?
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से 𝟑 टेलर रोड क्यों नहीं छुड़वाया? क्या यह सच नहीं है कि 𝟑 टेलर रोड आवास को अभी कुछ दिन पूर्व ही किसान आयोग के अध्यक्ष के नाम से आवंटित किया है लेकिन आवास नितिन नबीन के ही कब्जे में है? किसान आयोग के अध्यक्ष को इतना बड़ा बंगला दिया गया है तो उसमें आवासीय क्यों नहीं है?
तरैया के विधायक जनक सिंह को मंत्री का आवास 𝟐𝟖/𝟏𝟎 हार्डिंग रोड क्यों दिया गया है?
पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को किस हैसियत से 𝟐𝟑/𝟏𝟎 आवंटित किया गया है? उसका आवास खाली क्यों नहीं कराया गया?
सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को 𝟏 टेलर रोड बंगला किस हैसियत से आवंटित किया गया है? 𝐌𝐋𝐂 पद छोड़े हुए उन्हें दो साल से अधिक का समय हो चुका है लेकिन सम्राट चौधरी डर के मारे उनसे खाली नहीं करा सकता?
पूर्व मंत्री राजू सिंह को 𝟏𝟏/𝟏𝟑, मैंगल्स रोड, किस हैसियत से आवंटित किया गया है?
करणजीत सिंह विधायक को हार्डिंग रोड आवास किस हैसियत से आवंटित किया गया है?
मनोरमा देवी को 𝟐𝟎/बी, हार्डिंग रोड किस हैसियत से आवंटित किया गया है?
पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू को 𝟏𝟕 हार्डिंग रोड किस हैसियत से आवंटित किया गया है?
दीपक कुमार (रिटायर्ड आई.ए.एस. ऑफिसर) को किस हैसियत से 𝟑 पोलो रोड जैसा बड़ा बंगला आवंटित किया गया है?
सांसद संजय झा किस हैसियत से एम. स्टैंड रोड के सरकारी आवास में रहते हैं?
क्या सांसद उपेन्द्र कुशवाहा 𝟐𝟒 एम स्ट्रैंड रोड में 𝟐𝟎𝟐𝟑 से ही अनाधिकृत रूप से नहीं रह रहे हैं? क्या कभी उन्हें आवास खाली करने के लिए नोटिस दिया गया? उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी और बेटे के नाम से दो अलग आवास और आवंटित है। उपेंद्र कुशवाहा परिवार को तीन आवास क्यों आवंटित किए गए हैं?
क्या सभी विधायक जो केंद्रीय पूल के बंगलों में अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं उन्हें 𝐌𝐋𝐀 फ्लैट में भी अलग से आवास आवंटित नहीं किया गया हैं?
आयोगों के कितने सदस्यों को विपक्षी विधायकों से बड़े आवास दिए गए है इसकी सूची भी सार्वजनिक करे।
जेडीयू की आइटी सेल और उसके मुखिया किस हैसियत से सरकारी आवास से कार्यालय चला रहे है? वो आवास किसके नाम आवंटित है?
मंत्री नंदकिशोर राम को इसी सरकार ने 𝟏𝟏 मई को 𝟐𝟏 हार्डिंग रोड आवास आवंटित किया था, फिर उसी मंत्री को दुबारा 𝟐𝟕 मई को 𝟏𝟎 सर्कुलर आवास आवंटित क्यों किया गया? क्या इस विवाद में डालने के लिए एक दलित मंत्री की आड़ ली जा रही है?
जीतनराम मांझी और नीतीश कुमार दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं। दोनों के नाम से बंगला आवंटित है, जबकि दोनों सांसद भी हैं। कोर्ट का आदेश है कि पूर्व मुख्यमंत्री को बंगला आवंटित नहीं किया जा सकता तो फिर अब नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी के बिहार विधानमंडल का सदस्य नहीं रहने के बावजूद पटना में बंगला आवंटित क्यों किया गया है?
सम्राट चौधरी को अब यह बताना चाहिए कि इन दोनों को किस हैसियत से पटना में भी और दिल्ली में भी बंगला आवंटित है? यदि दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में बंगला आवंटित है तो लालू जी को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में बंगला क्यों नहीं मिलना चाहिए? सर्वविदित है कि लालू जी और राबड़ी जी दोनों पूर्व मुख्यमंत्री है लेकिन आवास एक ही आवंटित है।
अगर सरकार राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में नया बंगला आवंटित करती है तो भी लालू यादव पूर्व मुख्यमंत्री के नाते आवास के अधिकारी हैं ही। सम्राट चौधरी अपनी सहूलियत अनुसार नियम नहीं बना सकते।
अगर मंत्री संतोष सुमन और उनकी विधायक पत्नी दीपा कुमारी को अलग-अलग बंगला आवंटित है तो लालू जी और राबड़ी देवी जी को अलग-अलग दो बंगले आवंटित क्यों नहीं हो सकते हैं?
सम्राट चौधरी को यह बताना चाहिए कि पटना में पांच सांसदों को किस नियम के तहत बंगले आवंटित किये गये हैं जबकि पांचो सांसदों को दिल्ली में भी बड़े बंगले मिले हुए है। क्या पांचों सांसद अवैध कब्जा करके सरकारी आवास में रह रहे हैं।
जब महागठबंधन की सरकार थी तो हमने कभी भी ओछी राजनीति नहीं की? भवन निर्माण विभाग तत्कालीन उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव जी के पास रहने पर भी उन्होंने निवेदन करने पर कभी भी बीजेपी के वरीय नेताओं प्रेम कुमार, नंदकिशोर यादव, मंगल पांडे और नितिन नवीन का आवास खाली नहीं कराया था लेकिन सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति को अपनी विषैली मानसिकता से दूषित कर रहे हैं। लोकलाज और स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों और परंपराओं को त्याग कर सम्राट चौधरी अगर ऐसी ही द्वेषपूर्ण निम्नस्तरीय राजनीति नहीं करनी चाहिए।

