रांची डीडीसी ने की मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा, दिए कई दिशा निर्देश

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा रांची: रांची के उपविकास आयुक्त (डीडीसी ) अनन्य मित्तल ने गुरुवार को मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर समीक्षा बैठक की।

डीडीसी ने झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत हरा राशन कार्ड के पंजीकरण की भी जानकारी ली।

बैठक में उपविकास आयुक्त रांची ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से मनरेगा के तहत चलायी जा रही विकास योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रखंडवार जानकारी ली।

विभिन्न योजनाओं और बिन्दुओं को लेकर उन्होंने संबंधित बीडीओ से जानकारी लेते हुए कार्य प्रगति के लिए आवश्यक दिशा निदेश दिये।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उपविकास आयुक्त ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि कई ब्लॉक में लंबित मामले अयोग्य उम्मीदवारों से संबंधित हैं, उन्होंने कहा कि किसी भी लाभार्थी को रिमांड,अपात्र श्रेणी के तहत डालने से पहले बीडीओ ग्राउंड चेक करें।

इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के पंजीकरण की गति में सुधार को लेकर सभी बीडीओ को निदेश दिया।

डीडीसी ने लंबित पंजीकरण का कार्य एक सप्ताह में पूरा करने का निदेश दिया।

सभी पात्र लाभार्थी को एएसएपी पंजीकृत करने और अगली समीक्षा बैठक में सभी ब्लॉकों को एफएनएफ पंजीकरण रिपोर्ट के साथ आने का निदेश डीडीसी द्वारा दिया गया।

बेहतर प्रदर्शन न करने वाले बीडीओ को चेतावनी देते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि शिथिलता दिखाने और प्रदर्शन में सुधार नहीं करने पर कार्रवाई की जायेगी।

बैठक के दौरान मनरेगा से संबंधित कार्य प्रगति की भी समीक्षा करते हुए उपविकास आयुक्त ने अभियान के तहत ज्यादा मानव दिवस सृजन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

बैठक में झारखंड खाद्य सुरक्षा योजना के तहत हरा राशन कार्ड पंजीकरण की समीक्षा की गई।

डीएसओ रांची ने विभिन्न ब्लॉकों में ग्रीन कार्ड पंजीकरण से संबंधित मुद्दों के बारे में बताया।

डीडीसी ने बीडीओ को सभी ब्लॉकों में ऑनलाइन प्रवेश लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कहा।

इसके अलावा, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि यदि ऑनलाइन पंजीकरण से संबंधित कोई विशेष समस्या है, तो डीएसओ रांची के साथ तत्काल संपर्क करें और समस्या को हल करें।

उन्होंने कहा, “किसी भी कीमत पर लक्ष्य हासिल किया जाना चाहिए।

अन्यथा, परियोजना के कार्यान्वयन में ढिलाई दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।

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