नेतरहाट अस्पताल में डॉक्टर न मिलने से गई मासूम की जान, ग्रामीणों में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने का फैसला किया। लोग बच्चे को लेकर वहां पहुंचे, लेकिन दुर्भाग्य से अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।

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Latehar Road Accident:लातेहार जिले के नेतरहाट थाना क्षेत्र के पसेरीपाट गांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। गांव के झंडा चौक के पास एक चार साल का बच्चा खेल रहा था, तभी खेत जोतकर लौट रहे ट्रैक्टर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। ट्रैक्टर के नीचे आने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल बच्चे की हालत हुई गंभीर

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने का फैसला किया। लोग बच्चे को लेकर वहां पहुंचे, लेकिन दुर्भाग्य से अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।

नहीं थे अस्पताल में डाक्टर

अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण वहां मौजूद नर्सों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रेफर कर दिया। ग्रामीणों ने बच्चे को बिशुनपुर अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

हादसे की सूचना मिलते ही नेतरहाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया और ट्रैक्टर चालक बुद्धेश्वर उरांव को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और परिजनों को सौंप दिया।

फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेतरहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है।

प्रशासन पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो महीने पहले अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दुबे ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। उस समय भी डॉक्टर अस्पताल से गायब पाए गए थे। एसडीओ ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया

प्रशासन से किए गए ये मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नेतरहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द डॉक्टर की स्थायी नियुक्ति की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना न हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हुईं तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

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