नई दिल्ली : वेदांता समूह के मालिक अनिल अग्रवाल ने अपकमिंग बिजनेसमैन के लिए एक मोटिवेशनल मैसेज दिया है। यह मैसेज प्रेरणा से भरा है। अनिल अग्रवाल ने इस मैसेज में कहा है कि मेरे प्यारे यंग फाउंडर्स, आज आपसे एक विचार साझा करना चाहता हूँ कि यहाँ कुछ भी निश्चित नहीं है। Certainty सिर्फ एक वहम है।

आप में से बहुत लोग जानते होंगे कि वेदांता से पहले मेरे 9 बिज़नेस फेल हुए थे। लेकिन एक बात आप नहीं जानते कि उस वक्त उनमें से हर एक बिज़नेस के कामयाब होने पर मुझे पूरा भरोसा था। अगर ऐसा नहीं होता, तो मैं उसे करता ही क्यों?
जब मैंने पेपर मिल ली थी, मुझे यकीन था कि यह चलेगी। जब मैंने मल्टीप्लेक्स बिज़नेस में इन्वेस्ट किया, तो मुझे लगा कि यह बहुत बड़ी चीज़ बनेगा। जब मैंने एल्युमीनियम फॉयल प्लांट खरीदा, मुझे लगा कि यह मेटल इंडस्ट्री में सबसे आगे होगा। लेकिन इनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ।
आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ तो साफ़ समझ आता है कि वे बिज़नेस क्यों फेल हुए। वे सब बहुत तकलीफदेह गलतियां थीं जिनमें मेरा काफी पैसा और ज़िंदगी के कई साल चले गए। लेकिन सच कहूँ तो एक फाउंडर होने का असली मतलब यही है कि हर दिन यह जानते हुए भी फैसले लिए जाएँ कि आपके गलत होने की पूरी संभावना है।
दरअसल जीवन में कुछ भी निश्चित है ही नहीं। हमारे अंदर बस अनिश्चितता के बीच भी आगे बढ़ते रहने का जज़्बा होना चाहिए। अगर मैं सब कुछ निश्चित या अनुकूल होने का इंतज़ार करता, तो आज वेदांता नहीं होता।
दुनिया का हर सफल बिज़नेस शक और संदेह के पलों में ही बना है।
मेरे युवा फाउंडर्स, आपसे भी मैं यही कहूँगा कि आप सब कुछ निश्चित होने या एकदम सही परिस्थितियों का इंतज़ार मत करिए। आपको अनिश्चितता में काम करने के लिए अपने मन को तैयार करना ही होगा।
क्योंकि किस्मत उन्हीं का साथ देती है जो अंधेरे में भी कदम बढ़ाने की हिम्मत रखते हैं।


