नयी दिल्ली: दिल्ली के एक सर्राफा कारोबारी द्वारा सौंपे गए 1,430 ग्राम सोने और हीरों का कथित तौर पर गबन करने के मामले में वांछित दो भाइयों को करीब 15 साल बाद पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी पिंटू कोले (47) और मिंटू कोले (46) को एक और दो अक्टूबर की दरमियानी रात हुगली से गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया किय दोनों के खिलाफ 2011 में कोतवाली थाने में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में मामला दर्ज किया गया था। वे आभूषण बनाने और डिजाइन करने में प्रशिक्षित हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने दिल्ली में विभिन्न सर्राफा कारोबारियों के साथ काम करते हुए आभूषण डिजाइन करने में विशेषज्ञता हासिल की थी।
उन्होंने कथित तौर पर अपने ऊपर किए गए भरोसे का फायदा उठाया और आभूषण बनाने के लिए दिए गए भारी मात्रा में सोने और हीरों का गबन कर लिया। इसके बाद दोनों दिल्ली से फरार होकर पश्चिम बंगाल में रहने लगे।
उसने बताया कि मामले में दोनों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया, जिसके बाद 2012 में प्रत्येक पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
अपराध शाखा की एक टीम ने हुगली में दोनों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद उनका पता लगाया। आरोपी वहां आभूषण बनाने का काम कर रहे थे और कोलकाता तथा हुगली के सर्राफा कारोबारियों के लिए काम रहे थे। वे गिरफ्तारी से बचने के लिए कथित तौर पर गुपचुप तरीके से रह रहे थे।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “आरोपियों को पकड़ लिया गया है और पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर बताया कि वे अपना आभूषण डिजाइन करने का कारोबार शुरू करना चाहते थे लेकिन उनके पास पर्याप्त धन नहीं था।
उन्होंने अपने प्रस्तावित कारोबार के लिए धन जुटाने वास्ते उन्हें जो किमती सामान सौंपे गए थे उनका इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी।”
पुलिस ने बताया कि पिंटू 2009 में दिल्ली आया था और करीब दो साल तक यहां काम किया जबकि मिंटू भी उसके साथ दिल्ली आया था। बाद में दोनों पश्चिम बंगाल में आभूषण बनाने का काम करते रहे।
मामले की जांच जारी है।


