झारखंड

पंचायत चुनाव 2022 : रामगढ़ में युवाओं और बुजुर्गों ने विकास के नाम पर डाला वोट

युवा और बुजुर्ग हर किसी की जुबान पर विकास का ही एक मुद्दा था

रामगढ़: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के तहत प्रथम चरण का मतदान संपन्न हो गया है। रामगढ़ के तीन प्रखंडों में गांव की सरकार बनाने के लिए ग्रामीणों ने बढ़ चढ़कर वोट डाला है।

सुबह सात बजे से लेकर शाम तीन बजे तक 65 फ़ीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

वोटिंग प्रतिशत ने साफ कर दिया है कि लोग घरों से निकले और उन्होंने अपने इलाके को ना सिर्फ मजबूत करने, बल्कि समृद्ध करने के लिए भी वोट डाला है।

युवा और बुजुर्ग हर किसी की जुबान पर विकास का ही एक मुद्दा था। सुबह सात बजे जब मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई तो मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई।

चिलचिलाती धूप और 43 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में भी मतदाताओं का जोश सिर चढ़कर बोल रहा था। ना तो कतार से लोग निकले और ना ही मतदान केंद्र से बिना वोट डाले बाहर गए।

यहां तक की महिलाओं ने भी घंटों इंतजार कर वोट डाला। मतदाताओं ने कहा कि इस बार न जाति है न संप्रदाय। सिर्फ विकास ही एक मुद्दा है। पंचायतों में विकास का कुछ काम हुआ है। लेकिन अभी बहुत कुछ होना बाकी है। इसलिए बदलाव भी जरूरी है।

यह जोश सिर्फ 18 से 50 वर्ष तक के मतदाताओं के बीच ही नहीं था

बूथ संख्या 144 पर 70 वर्षीय महिला शिवनी देवी भी वोट डालने पहुंची थी। वह अपने बेटे और बहू के साथ यहां आई थी।

वह चलने में असमर्थ थी लेकिन उनके अंदर भी अपने गांव के विकास की लौ जल रही थी। उन्होंने कहा कि सुबह से ही वह बूथ पर आना चाह रही थी।

लेकिन बेटे बहू ने कहा कि भीड़ ज्यादा है तो बाद में चलेंगे। काफी देर इंतजार करने के बाद 9:15 बजे वह बूथ पर पहुंची। सीनियर सिटीजन होने के नाते उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ा और उन्होंने अपना वोट डाला।

80 वर्षीय डालो देवी भी मतदान केंद्र पर लाठी के सहारे पहुंची थी। उन्होंने कहा कि लाइन लंबी थी, इसलिए कुछ देर जमीन पर ही बैठ कर अपनी बारी का इंतजार किया।

दुलमी प्रखंड के इचातू के बूथ संख्या 141, 142, 143 और 144 पर मतदाताओं ने ईंट पर बैठकर घंटों इंतजार किया और फिर अपना वोट डाला।

यह जोश सिर्फ 18 से 50 वर्ष तक के मतदाताओं के बीच ही नहीं था। बल्कि 80 और 90 वर्ष के मतदाताओं ने भी इंतजार कर वोट डाला है।

सुबह नौ बजे तक बूथ संख्या 142 पर कुल 353 मतदाताओं में से 67 मतदाताओं ने अपना वोट डाल दिया था। यह आंकड़ा यह दर्शा रहा था कि पहले 2 घंटे में ही 18 प्रतिशत से अधिक वोटरों ने वह डाल दिया है। बूथ संख्या 141 पर 330 मतदाताओं में से 60, बूथ 143 पर 361 में से 59 मतदाताओं ने वह डाल दिया था।

कहीं से भी हिंसा की कोई वारदात सामने नहीं आई है

बूथ पर उमड़ी मतदाताओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुबह आठ बजे से ही डीसी माधुरी मिश्रा और एसपी प्रभात कुमार छतरपुर पहुंच चुके थे उनके द्वारा शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए लगातार पीठासीन पदाधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा था लगभग 11 बजे अधिकारी राजकीय बुनियादी विद्यालय चितरपुर पहुंचे।

यहां एक ही विद्यालय में तीन मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान केंद्र संख्या 49, 50, 52 पर अधिकारियों ने कर्मचारियों से बात की।

लगभग 11:30 बजे राजकीयकृत कन्या मध्य विद्यालय चितरपुर में मतदान केंद्र संख्या 3, 5, 6, 7, 9, 11 का जायजा लेने अधिकारियों का काफिला पहुंचा।

दुलमी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकनी में मतदान केंद्र संख्या 111, नव प्राथमिक विद्यालय कुम्हाइयाटांड में मतदान संख्या 95, अमन बाल विद्या मंदिर होहद में मतदान केंद्र संख्या 112, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बोंगासारी में मतदान केंद्र संख्या 101, 102, 103, संत फ्रांसिस इंटरनेशनल एकेडमी होन्हे पर भी शांतिपूर्ण रूप से हो रहे मतदान का जायजा अधिकारियों ने लिया।

डीसी और एसपी का काफिला इसके बाद गोला प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरियातू में मतदान केंद्र संख्या 116, 117 एवं 118 का निरीक्षण करने पहुंचा।

यहां अधिकारियों ने मीडिया से भी बात की और कहा कि तीनों प्रखंडों में शांतिपूर्ण माहौल में मतदान की प्रक्रिया चल रही है।

कहीं से भी हिंसा की कोई वारदात सामने नहीं आई है। इस तरह मतदाताओं का रुझान था उससे यह स्पष्ट है कि वह बूथ पर मौजूद सुरक्षा से काफी संतुष्ट हैं।