झारखंड

हक मांगने वालों को जेल में डाल देती है भाजपा, हेमंत के साथ यही किया, कल्पना सोरेन ने…

कहा कि "हम उद्योग विरोधी नहीं हैं, परंतु अपने हिस्से की रोटी हमेशा नहीं छोड़ सकते। हम अपने हक के लिए अंतिम समय तक लड़ेंगे।"

Kalpana Soren on BJP : शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की पत्नी कल्पना सोरेन (Kalpana Soren) ने साहिबगंज (Sahib Ganj) और पाकुड़ (Pakud) के आमड़ापाड़ा में JMM प्रत्याशी विजय हांसदा (Vijay Hansda) के पक्ष में चुनावी जनसभा की।

कहा कि “हम उद्योग विरोधी नहीं हैं, परंतु अपने हिस्से की रोटी हमेशा नहीं छोड़ सकते। हम अपने हक के लिए अंतिम समय तक लड़ेंगे।”

उन्होंने कहा कि तमाम तरह के उद्योग लग रहे हैं, परंतु जो हक आदिवासियों को मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा है। अपना हक मांगने वालों को भाजपा जेल में डाल देती है।

आपके हेमंत बाबू ने भी आपका हक केंद्र सरकार से मांगा था, हक देना तो दूर, चुनाव से ठीक पहले उन्हें बिना किसी कसूर के जेल में डाल दिया।

भाजपा ने इस डर से हेमंत बाबू को जेल में डाल दिया, चूंकि उन्हें अंदाजा था कि अगर हेमंत सोरेन बाहर रहे तो उनका खाता भी नहीं खुलेगा। झारखंड में सिमट जाने का डर उन्हें सता रहा था।

मंहगाई व बेरोजगारी चौगुना बढ़ी

उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2014 के चुनाव में देश के लोगों से वादा किया था कि सत्ता में आने पर दो करोड़ युवकों को रोजगार देगी। मंहगाई खत्म करेगी। विदेशों में छुपा काला धन वापस लाएगी। गरीबों के बैंक खाते में 15 लाख डाला जाएगा, लेकिन 10 साल बीत जाने के बाद भी ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार में मंहगाई व बेरोजगारी चौगुना बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के 40 सालों के आंदोलन के बाद ही अलग झारखंड राज्य बना है। इस राज्य के विकास में हेमन्त सोरेन का काफी योगदान है।

मुट्ठीभर पूंजीपतियों के लिए काम कर रही भाजपा सरकार

भाजपा मुट्ठीभर पूंजिपतियों के लिए सत्ता में रहकर काम करती है। एक दर्जन से भी कम संख्या वाले पूंजीपतियों को बढ़ाने का काम भाजपा सरकार करती है।

देश में निजीकरण को बढ़ावा देने का काम भाजपा सरकार ने किया है। पूंजीपति को देश का मालिक बनाने की सोच है।

यह बातें मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शुक्रवार को देवघर के मोहनपुर अंतर्गत प्लस टू विद्यालय मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए कही।

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