झारखंड

पोषण सखियों की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने केन्द्र व राज्य सरकार से 2 हफ्ते में जवाब मांगा

राज्य के 6 जिलों की पोषण सखियों को बिना किसी पूर्व नोटिस के राज्य सरकार ने कर दिया है कार्यमुक्त

रांची: झारखंड हाई कोर्ट (High Court) के जस्टिस एस एन पाठक की अदालत ने मंगलवार को राज्य की पोषण सखियों को कार्यमुक्त करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य और केंद्र सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए कोर्ट ने जवाब मांगा।

गौरतलब है कि इस मामले में कुछ दिनों पहले पोषण सखी संघ की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

इसमें कहा गया है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व नोटिस के पोषण सखियों को विगत 24 मार्च से कार्यमुक्त कर दिया है।

इससे छह जिलों की पोषण सखियां प्रभावित हो गई हैं। इनमें गोड्डा, चतरा, दुमका, कोडरमा, धनबाद और गिरिडीह जिले शामिल हैं।

बिना किसी पूर्व नोटिस के कर दिया गया है मुक्त

इसके खिलाफ झारखंड पोषण सखी संघ (Jharkhand Poshan Sakhi Sangh) की राज्य सचिव प्रमिला कुमारी ने अपने अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता और पिंकी साव के माध्यम हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार (State government) द्वारा उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस के कार्य मुक्त कर दिया गया है।