झारखंड विधानसभा : शराब से संघर्ष, हुनर से पहचान– लिट्टीपाड़ा की महिलाओं की नई उड़ान

News Aroma
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Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

लिट्टीपाड़ा की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की कहानी सदन में छाई रही।

झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि जो महिलाएं पहले शराब और हड़िया बेचने पर मजबूर थीं, वे अब सुतली का बोरा, बरी और बरबटटी जैसे उत्पाद बना रही हैं।

उन्होंने सरकार से इन महिलाओं के लिए बाजार उपलब्ध कराने की मांग की ताकि उनका हुनर पहचान पा सके और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

CSR फंड से चमकेगा विकास का सपना

कांग्रेस विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य सरकार अब सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के फंड का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए करेगी।

इसके लिए एक सेल गठित की जाएगी जो इन पैसों को योजनाबद्ध तरीके से खर्च करेगी।

उन्होंने कहा कि बजट में पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को खास तवज्जो दी गई है।

पेंशन योजनाओं पर विपक्ष ने जताया भरोसा

राजद विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि राज्य सरकार सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले गरीबों को पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब उन्हें घर बैठे इसका लाभ मिल रहा है।

धनबाद के लिए तीन प्रमंडलों की मांग

मासस विधायक अरूप चटर्जी ने धनबाद, निरसा और बाघमारा को अलग प्रमंडल का दर्जा देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

साथ ही उन्होंने धनबाद में एयरपोर्ट के निर्माण और जाम की समस्या के समाधान के लिए भी सरकार से ठोस पहल करने की अपील की।

सदन की कार्यवाही स्थगित

विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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