
Jharkhand High Court : बोकारो जिले के दुग्धा थाना क्षेत्र से लगभग तीन वर्ष पूर्व लापता हुए युवक रितेश कुमार के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। युवक के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले की वर्तमान स्थिति और जांच की प्रगति पर राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता संतोष साव ने अपने पुत्र रितेश कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने की घटना की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
याचिका में बताया गया है कि रितेश कुमार 21 जून 2023 से लापता है। परिवार ने उसकी तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए और पुलिस समेत संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क किया, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी युवक का कोई पता नहीं चल सका। परिजनों का आरोप है कि मामले की जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण अब उन्हें किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की उम्मीद है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में अधिवक्ता शियाकुर रहमान और वाजिद अली ने पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय को बताया कि लंबे समय से युवक के लापता रहने के बावजूद जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। इससे परिवार लगातार मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक पीड़ा झेल रहा है। ऐसे में निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले को CBI को सौंपना आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत यह जानना चाहती है कि अब तक जांच में क्या प्रगति हुई है और युवक की तलाश के लिए पुलिस द्वारा कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।
यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब मामले में नई उम्मीद जगी है। अदालत द्वारा राज्य सरकार से जवाब मांगे जाने को जांच प्रक्रिया की समीक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। अब सभी की नजरें राज्य सरकार के जवाब और न्यायालय के आगामी आदेश पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि मामले की जांच को लेकर आगे क्या दिशा अपनाई जाएगी।

